Friday, April 17, 2020

पटना में 3 मई ही नहीं, आगे भी ज्यादा छूट की आस नहीं, नियम और शर्तें बदलने पर ही राहत संभव




पटना. बिहार में लॉकडाउन 2.0 के लिए जारी केंद्र सरकार की शर्तों को हूबहू लागू होंगी। गृह सचिव आमिर सुबहानी ने गुरुवार को इस आशय का निर्देश जारी किया है। इस हिसाब से पटना में 3 मई तक ही नहीं, आगे भी कोई छूट नहीं मिलेगी। नियम और शर्तें बदलीं तभी कुछ राहत संभव है। नियम कहता है कि जिले में जिस तारीख को 1 भी करोना का मरीज मिला और सात दिनों के अंदर संख्या दोगुनी नहीं हुई तो जिला आरेंज जोन में रहेगा।
यानी शहर में जिस हिसाब से नियंत्रित गतिविधियां चल रहीं हैं वैसे ही चलती रहेंगी। पटना में कोराना का एक मरीज बुधवार को सुल्तानगंज इलाके में सामने आया। अब संकट यह है कि सात दिनों में जिले में कोरोना मरीजों की संख्या दोगुनी यानी 1 बढ़कर दो या ज्यादा हुई तो केंद्रीय गाइडलाइन के अनुसार जिला रेड जोन क्लस्टर की श्रेणी में आ जाएगा और तब लॉकडाउन के नियम और सख्त हो जाएंगे।
जिलों के वर्गीकरण के आधार
  • सीवान, मुंगेर, बेगूसराय और गया जहां लाल घेरे में है,वहीं गोपालगंज, नवादा, भागलपुर, सारण, लखीसराय, नालंदा, वैशाली, बक्सर व पटना औरेंज जोन में है।  बाकी 25 जिले ग्रीन जोन में है।  
  • स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि 20 अप्रैल के बाद 25 जिलों में जहां कोरोना के एक भी केस नहीं मिले हैं वहां किन-किन क्षेत्रों किस तरह छूट दी जाएगी इसका निर्णय होगा।

बिहार: लॉकडाउन फेज-2 का तीसरा दिन / सीवान में अर्थी को कंधा देने के लिए चार आदमी मिलना मुश्किल, जिन गांवों में संक्रमण नहीं वहां मनरेगा के काम शुरू


पटना. कोरोनावायरस के संक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन सख्ती से लॉकडाउन फेज-2 का पालन करा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां हॉटस्पॉट नहीं हैं, वहां मनरेगा के तहत काम शुरू हो गया है। 2.77 लाख मजदूरों को रोजगार मिला। इनमें से 1.25 लाख प्रवासी मजदूर हैं। दूसरी ओर, कोरोना के हॉटस्पॉट इलाकों में कर्फ्यू जैसी स्थिति है। गुरुवार को मुंगेर के 9 लोग कोरोना पॉजिटिव निकले, जिससे लोगों में दहशत है। हॉटस्पॉट जमालपुर में लोग घरों में बंद हैं। सीवान जिला कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित है। यहां 29 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई। कोरोना का डर ऐसा है कि अर्थी को कंधा देने के लिए चार आदमी मिलना मुश्किल हो रहा है।
मुंगेर: हॉटस्पॉट बने जमालपुर में आवाजाही पर रोक
रेल नगरी जमालपुर के चप्पे-चप्पे को प्रशासन ने सील कर दिया है। मुख्य मार्ग पर बांस का बैरियर लगाकर लोगों की आवाजाही रोक दी है। शहर की सभी दवा दुकानों को बंद करा दिया है। इससे अन्य बीमारियों के मरीजों को दवा नहीं मिल पा रही हैं। जुबली बेली स्थित हनुमान मंदिर के पास रहने वाले कौशिक कुमार अपने कैंसर पीड़ित पिता के लिए दवा के लिए भटकते रहे। फरियाद करने पर एक पुलिसकर्मी ने कैंसर पीड़ित के लिए दवा की व्यवस्था कराई।
सीवान: श्मशान घाट जाने से डर रहे हैं लोग
कोरोना का भय और लॉकडाउन के चलते शव के अंतिम संस्कार में भी लोग शामिल नहीं हो रहे हैं। खास रिश्तेदार तक श्मशान घाट जाने से भी डर रहे हैं। घर के लोग जैसे-तैसे दाह-संस्कार कर रहे हैं। हाल यह है कि कई बार शव को कंधा देने के लिए चार आदमी मिलना मुश्किल हो रहा है। पुलिस सख्ती से लॉकडाउन का पालन करा रही है। मलमलिया चौक पर बेवजह कुछ लड़कियों को घूमते हुए महिला पुलिस ने देखा तो उन्हें रोका। लड़कियों ने भागने की कोशिश की तो महिला सिपाहियों ने उन्हें रोककर उठक-बैठक कराई।

बेगूसराय: 500 रु. के लिए जान जोखिम में डाल रहीं महिलाएं
बेगूसराय के 8 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं। इसके बाद भी जिले में कई जगह लोगों की भीड़ जुट रही है। जनधन खाते में भेजी गई सहायता राशि नहीं निकालने पर वापस होने की अफवाह के कारण महिलाएं अपनी जान जोखिम में डालकर बैंकों में भीड़ जमा कर रही हैं। लाइन में लगी महिलाओं को न तो कोरोना का डर है और न प्रशासनिक कार्रवाई का। वे जान जोखिम में डालकर भी हर हाल में रुपए निकालना चाहती हैं।

पटना: 10 जगह ड्रोन से की जा रही निगरानी
कोरोना का नया मरीज मिलने के बाद पटना में पुलिस लॉकडाउन का पालन सख्ती से करा रही है। लॉकडाउन के दौरान लोग घर से न निकलें और सब्जी मंडियों व बाजार में भीड़ न जुटे इसके लिए 10 जगह ड्रोन से निगरानी की जा रही है। पटना सिटी, फुलवारीशरीफ, दानापुर, डाकबंगला, गांधी मैदान, बाइपास इलाका, बाढ़, मोकामा, पालीगंज और सचिवालय इलाके में ड्रोन से निगरानी की जा रही है।


Thursday, April 2, 2020

लॉक डाउन के बाद भी बंद रहेंगे सभी स्कूल, सिलेबस को किया जाएगा छोटा

कोरोना वायरस के कारण देश में लागू लॉक डाउन का असर अब तक ख़त्म नहीं हुआ है. भले ही स्कूल के खुलने को लेकर संदेह है, लेकिन इस बात में कोई दोहराई नहीं है कि स्कूल खुलने के बाद गर्मी की छुट्टियों के कारण फिर से एक बार स्कूल बंद हो जाएगी.

जानकारी के अनुसार, संक्रमण का खतरा अभी बना रहेगा, लिहाजा स्कूल अभी लंबे अरसे तक बंद रह सकते हैं. मई महीने में गर्मी की छुट्टियां हो जाती हैं, पारा 40 डिग्री से ऊपर जाने के बाद ऐसे भी स्कूल मैं बच्चों को भुलाना आसान नहीं होगा. लिहाजा अब सिलेबस को छोटा करने की तैयारी हो रही है

पटना समेत अन्य जिलों में स्कूलों का सत्र अप्रैल महीने से ही शुरू होता है. लेकिन कोरोना वायरस के कारण अब तक स्कूल बंद है और बच्चों को नया सिलेबस और उसके मुताबिक किताबें भी नहीं मिली हैं.


ऐसे में यह माना जा रहा है कि अब स्कूलों के अंदर पढ़ाई गर्मी की छुट्टियों के बाद ही सही तरीके से शुरू हो पायेगी. 12 महीने के सिलेबस में 2 से 3 महीने कोरोना के कारण अगर बर्बाद हो जाते हैं तो सिलेबस को छोटा कर 9 से 10 महीने का किया जा सकता है.