Sunday, March 22, 2020

बिहार में कोरोना से पहली मौत, देश में अब तक 6 की गई जान, COVID-19 के मरीजों की संख्या हुई 341

बिहार में कोरोना वायरस के संक्रमण से पहली मौत पटना एम्स हो चुकी है। मृतक की पहचान सैफ अली के रूप में हुई है, जो 38 साल के थे। सैफ मुंगेर के रहने वाले थे और वो हाल ही में कतर से लौटे थे। 
इस बीच कोरोना से हुई पहली मौत को लेकर पटना एम्स की बड़ी लापरवाही सामने आयी है। कोरोना वायरस के संक्रमण से मरने वाले सैफ को शुक्रवार को ही भर्ती किया गया था।  सैफ ने छाती में दर्द होने की शिकायत की थी।  एम्स के डाक्टरों ने सामान्य मरीजों के साथ ही सैफ को भर्ती कर दिया। शनिवार को सैफ की रिपोर्ट जांच के लिये भेजी गई और रविवार यानी आज कोरोना की पुष्टि हुई। सैफ की मौत शनिवार शाम को ही हो गई थी।  सैफ के परिजन  बिना सुरक्षा के शव अपने साथ ले गए। सैफ की मौत के बाद अब मरीजों और डॉक्टरों में भय व्याप्त है। 
520 यात्रियों को सर्विलांस पर रखा गया, 119 इससे बाहर हुए
बिहार में कोरोना वायरस के लक्षण वाले 520 यात्रियों को अब तक सर्विलांस पर रखा गया है। इनको 14 दिनों तक होम आइसोलेशन पर रखकर डॉक्टरों द्वारा निगरानी की जा रही है। वहीं, अबतक 119 संदिग्ध मरीजों को आइसोलेशन से बाहर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को जारी सूचना में ये जानकारी दी गयी। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार राज्य में अबतक 85 संदिग्ध मरीजों से जांच के लिए नमूने संग्रह किए गए हैं, हालांकि इनमें किसी में भी अबतक कोरोना के वायरस नहीं पाए गए।
746 स्थानों पर कोरोना से बचाव को लेकर प्रचार सामग्री वितरित 
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग की पहल पर राज्य के विभिन्न जिलों में 746 स्थानों पर कोरोना से बचाव को लेकर प्रचार सामग्रियों का वितरण किया गया है। लोगों को हाथ धोने, अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलने और आसपास की वस्तुओं को सेनेटाइज करने की सलाह दी गयी है। 
सेना कैंटीन, इंस्टीट्यूट, परेड, बहाली प्रक्रिया बंद
कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिए सेना ने कई कदम उठाए हैं। सीएसडी कैंटीन, सैनिक इंस्टीच्यूट, कोबरा अफसर इंस्टीच्यूट, परेड व बहाली प्रक्रिया को 31 मार्च तक बंद कर दिया गया है। सैन्य अफसर आम लोगों से दूरी बनाकर मिल रहे हैं।
सैनिक अस्पताल में दो अलग-अलग मेडिकल रिलीफ टीम गठित की गई है। जिसमें 3 सैन्य अधिकारी, 4 जेसीओ व 35 सैनिकों को शामिल किया गया है। साथ में एंबुलेंस, चिकित्सक व इंजीनियर भी तैनात रहेंगे। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि आर्मी अस्पताल में 60 बेड वाला आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है। छुट्टी या बाहर से आने वाले अधिकारियों व सैनिकों को कोरोना वायरस के आशंका पर स्वास्थ्य जांच की जायेगी। इसके लिए नालंदा छात्रावास को कोरेंटाइन बनाया गया है। सैनिक अस्पताल परिसर में बिना मास्क के जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कोरोना से सामना करने के लिए आर्मी अस्पताल द्वारा कई उपकरणों की खरीदारी की गई है। ताकि कोरोना वायरस संक्रमण से सैनिकों को बचाया जा सके। सैनिकों के बीच जागरूकता चलाया जा रहा है। सैन्य अधिकारी व सैनिक अब बाहरी लोगों से दूरी बनाकर बातें कर रहे है और मिलने से पहले हैंडवास भी करा रहे हैं।
वैश्विक महामारी कोरोना ने दैनिक मजदूरों के काम पर ब्रेक लगा दिया है। मजदूरों के बीच भयावह स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। मजदूर वर्ग के लोग खाने-पीने के मोहताज हो गए हैं। आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं।  नौबत यह आ गई है कि किसी-किसी से हजार-दो हजार कर्ज लेकर अपना गुजर-बसर करने पर मजबूर हैं। कुछ मजदूर शहर छोड़ गांव की ओर पलायन करने की जद्दोजहद में हैं।
शहर के हर चौक-चौराहे पर रोजाना सुबह-सुबह मजदूरों की चौकड़ी लगती है। ये मजदूर काम की तलाश में आते हैं। कोई इनमें राजमिस्त्री होता तो कोई मजदूर। इनकी मजदूरी 400 से 600 रुपए तक होती है। इससे इनका गुजर-बसर चलता है। आज कोरोना वायरस की वजह से इनके रोजगार पर एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कंकड़बाग के अशोक नगर, रामकृष्णानगर, आरएमएस कॉलोनी, कदमकुआं के भट्टाचार्या रोड, दिनकर चौक समेत अन्य इलाकों के मजदूरों के हाल को जानने की कोशिश की गई।

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